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Neurotherapy Books

Lajpat Rai Mehra Guru ji

Lajpat Rai Mehra Guru ji

न्यूरोथेरेपी के जनक श्री. लाजपत राय मेहरा जी की संक्षिप्त जीवनी

विचारकों की कर्म भूमि रही है, अद्भुत गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन और स्वामी विवेकानंद के अलावा वैज्ञानिक मिसाइलमैन, हेनरी फोर्ड, भौतिकज्ञ अल्बर्ट आइंस्टीन, एवं आधुनिक काल के डॉ. भावन, हरगोविंद खुराना, सी.वी. रमन, जिन्हें टेस्ला एवं ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे महान इस श्रेणी में आते हैं।

इसी कड़ी में नाम आता है भारत–संतुलन–चिकित्सक डॉ. लक्ष्मणराज मेहरोत्रा जी का। इनका जन्म अमृतसर के एक प्रतिष्ठित परिवार में 23 अगस्त 1932 को श्री राम गोपाल मेहरा और श्रीमती केसरी देवी की सातवीं संतान के रूप में हुआ। श्री लाजपत राय मेहरा ने NT नामक एक ऐसी अद्भुत चिकित्सा पद्धति का अविष्कार किया है जिसमें कोई औषधि की आवश्यकता नहीं होती। इसके माध्यम से उन्होंने मानव शरीर की उन बीमारियों को सरलता पूर्वक ठीक किया जिन्हें यूरोपियन चिकित्सा जगत असाध्य मानता था। मानव शरीर में संतुलन के अभाव में उत्पन्न रोगों को उन्होंने अपने जीवन काल में ही ठीक कर दिया। इस प्रकार द्वारा आविष्कृत अद्भुत पद्धति NT के इन सिद्धांतों पर भारत ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी लोग लाभ उठा रहे हैं।

उनका कहना था कि जब प्रकृति उपलब्ध अच्छाई से किसी चिकित्सक को लाभ नहीं मिली, तभी 8-0 से उन्होंने अपने जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने शरीर के उन हिस्सों की खोज की जो अन्य अंगों को संचालित करने के लिए उत्तरदायी हैं। उन्होंने सरल से सरल नाम देकर शरीर की एक बड़ी समस्या को बिना औषधि के दूर करने का कार्य कर दिया। दूसरी ओर उन्होंने चिकित्सा विज्ञान को नया आयाम दिया जो अद्भुत और आश्चर्यजनक गुण वाला है।

मेहरोत्रा जी के जीवन का उद्देश्य मानव सेवा था। उन्होंने कहा — “मनुष्य का शरीर ईश्वर की देन है, उसकी सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है।” इस विचार को लेकर उन्होंने देशभर में सेवा कार्य किए। उनका यह मानना था कि बीमारी कोई सजा नहीं बल्कि शरीर के असंतुलन का परिणाम है, जिसे संतुलित कर ठीक किया जा सकता है।

उन्होंने चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा दी। शरीर के प्रत्येक हिस्से के दबाव बिंदुओं के माध्यम से रोगों को ठीक करने की इस चिकित्सा प्रणाली को आज दुनिया “न्यूरोथेरेपी” के नाम से जानती है। उन्होंने अपने जीवन के अंतिम समय तक लोगों की सेवा की।

भारत के इस महान संतुलन–चिकित्सक डॉ. लाजपत राय मेहरा जी का स्वर्ग हो चुका है अब वह हमारे बीच नहीं रहे ऐसी पुण्यआत्मा फिर भी न्यूरोथेरेपी के लिए हम लोगों के बीच हैं इनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है। उनका योगदान सदैव मानवता के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

Sanjay Yadav
Sanjay Yadav
Author
Mr. Sanjay Yadav is the Founder and Director of Ys Neurotherapy Health and Research Foundation and a qualified Neurotherapist from Mumbai, India, with extensive experience in the field...