करवट में लिटाकर देनेवाले उपचार
इन सभी उपचारों को करते समय पेशेंट की दोनों जांघों के बीच तकिया होना आवश्यक है।
1. B_{12} उपचार
* स्थिति: पेशेंट को दायीं करवट पर लिटायें।
* विधि: बायीं कूल्हे पर घुटनों की दिशा में दबाएँ और तुरंत छोड़ें।
* विशेष निर्देश: छाती सामान्य रहे और घुटने शरीर से सीधे होने चाहिए, न कि छाती के पास。
2. Nia (Niacin) उपचार
* स्थिति: पेशेंट को B_{12} की तरह ही दायीं करवट पर लिटायें।
* विधि: बायीं कूल्हे पर सिर की दिशा में दबाएँ और तुरंत छोड़ें।
* संख्या (गणना): इन दोनों (B_{12} और Nia) की संख्या 2, 4, 4 है।
* 2 बार दबाकर छोड़ें।
* 10 सेकंड बाद 4 बार दबाकर छोड़ें।
* फिर 10 सेकंड बाद दोबारा 4 बार दबाकर छोड़ें।
3. राइट विटामिन फॉर्मेशन (Right Vitamin Formation)
* स्थिति: पेशेंट को बायीं करवट पर लिटाना है।
* विधि: दाहिनी कमर पर, जांघ की फीमर हड्डी के बॉल के बाजू में Clockwise करते हुए नीचे से ऊपर की ओर जाना है।
* उद्देश्य: यह उदर (पेट) का दर्द निकालने के लिए दिया जाता है।
* Clockwise का अर्थ: उंगलियों को इकट्ठा करके घड़ी की सुई की दिशा में गोल-गोल घुमाना।
4. लेफ्ट विटामिन फॉर्मेशन (Left Vitamin Formation)
* स्थिति: पेशेंट को दायीं करवट पर लिटाना है।
* विधि: बायीं कमर पर, जांघ की फीमर हड्डी के बॉल के बाजू में Clockwise करते हुए नीचे से ऊपर की ओर जाना है।
* उद्देश्य: यह भी उदर का दर्द निकालने के लिए दिया जाता है。
5. फ्लूइड या ऐल्कली (Fluid or Alkali)
* स्थिति: पेशेंट को बायीं करवट पर लिटायें।
* विधि: अपने बाएं पैर के तलवे से पेशेंट की बायीं जांघ के साइड पर दबाव दें।
* प्रभाव: यह रक्त में ऐल्कली (Alkali) के लक्षणों को कम करता है।
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B-12 And Niacin point..Vitamin Formation