Ys Neurotherapy Health and reasearch foundation
न्यूरोथेरेपी उपचार सीखने के लिए बनाए गए नियम और सावधानियां हैं, जो Ys Neurotherapy Health and Research Foundation से संबंधित हैं।
📝 न्यूरोथेरेपी का अभ्यास करते समय उचित व्यवहार, वेशभूषा, और सिद्धांत पर ज़ोर देता है:
1. लिबास (पहनावा)
* उपचार देते समय हमेशा ढीले-ढाले (tight नहीं) कपड़े पहनें जिनमें हिलना-डुलना आसान हो।
* पुरुषों के लिए पायजामा-कुर्ता, फुल शर्ट या ढीली-ढाली कमीज और महिलाओं के लिए इसी तरह के आरामदायक वस्त्र (जैसे हाफ पैंट/स्लीवलेस कमीज के ऊपर) पहनना चाहिए ताकि उपचार ठीक से दिया जा सके।
2. पेशेंट से बर्ताव (मरीज़ से व्यवहार)
* मरीज़ या उसके रिश्तेदारों से बात करते समय हमेशा मुस्कुराते हुए, मधुर और धीमी आवाज़ में बात करें।
* हर पेशेंट को अपना रिश्तेदार समझकर उसका इलाज करना चाहिए।
* मरीज़ के साथ उचित दूरी बनाए रखें।
* ज़ोर दिया गया है कि सहानुभूति (empathy) ही हमारी असली ‘शक्ति’ है; अहंकार नहीं।
3. गुरु (शिक्षक/मार्गदर्शक)
* इस क्षेत्र में शिक्षक (गुरु) को बहुत सम्मान दिया गया है, क्योंकि उनके तपस्या से ही ज्ञान प्राप्त होता है।
* बताया गया है कि संपूर्ण भारतीय चिकित्सा पद्धति गुरु को समर्पित है और देशभर में 500 से अधिक न्यूरोथेरेपी सेंटर बन चुके हैं।
4. किर (उपचार की विधि/शिष्टाचार)
* न्यूरोथेरेपिस्ट (पुरुष/महिला) को मरीज़ को सीधे छूने से बचना चाहिए, खासकर विपरीत लिंग के मरीज़ों को।
* मरीज़ या रिश्तेदार से ऐसी कोई बात न करें जिससे उन्हें हिचकिचाहट हो।
* यदि उपचार के बीच ज़्यादा अंतराल (gap) आ जाए, तो अगले उपचार पर फ़ॉर्मूला बदलने की ज़रूरत पड़ सकती है, इसलिए नियमितता ज़रूरी है।
* सफलता के लिए पुरानी बीमारियों, तकनीकों और सावधानियों का पालन करना अनिवार्य है।
यह दिशानिर्देश न्यूरोथेरेपी के अभ्यासकर्ताओं को नैतिक, व्यावसायिक और प्रभावी तरीके से उपचार प्रदान करने में मदद करते हैं।
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⚠️ न्यूरोथेरेपी उपचार से पहले की सावधानियाँ
* मोबाइल फ़ोन:
* अगर आपने मोबाइल फोन चालू रखा है, तो उसे साइलेंट मोड पर रखें।
* उपचार के दौरान इसे शरीर से दूर रखें (जैसे जेब या पर्स में नहीं) क्योंकि मोबाइल फोन से निकलने वाली तरंगें उपचार में बाधा डाल सकती हैं।
* उपचार के बाद फ़ोन को उसकी सामान्य जगह पर सुरक्षित रख सकते हैं।
* मूत्रत्याग (Urination):
* पेशेंट का नाम और पता के साथ सही लिंग (पुरुष या महिला) अवश्य बताएं।
* उपचार शुरू करने से पहले पेशेंट को पेशाब करने के लिए कह दें ताकि उन्हें पेशाब की हाजत न हो और अच्छे परिणाम प्राप्त हों।
* खान-पान (Diet):
* उपचार शुरू करने से पहले पूछ लें कि क्या खाया है और कब खाया है। यह दोनों बातें गुल (ट्रीटमेंट/इलाज) और फ़िनिशिंग (परिणाम) के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
* उपचार से ठीक पहले कुछ खाया हो तो फ़िनिशिंग में बाधा आ सकती है।
* गुल के लिए यह जानना ज़रूरी है कि पेट भरा है या खाली।
* सामान्यतः, उपचार से पहले खाली पेट रहना चाहिए। कुछ खाया है तो कम से कम चार घंटे बाद ही उपचार करवाएं।
* महिलाओं के लिए विशेष नोट:
* साधारणतः मासिक धर्म के दौरान उपचार नहीं दिए जाते।
* उपचार से पहले पूछ लें कि क्या चल रहा है। अगर बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग हो तो इसे ठीक करने के लिए पहले उपचार या पेशाब करवाएं।
* जब तक ब्लीडिंग हो रही हो तब तक कोई अन्य उपचार न दें।
* लेटने की स्थिति:
* पेशेंट को लेटने से पहले यह ध्यान रखें कि गलिया और चटाई (फ्लैट यानि समतल) हो।
* उसके नीचे कोई छोटा मोटा नुकीला या कठोर सामान न हो।
* उपचार के दौरान पेशेंट की पीछे से कोई चोट न लगे।
* Bone यानि हड्डी अगर flat surface (समतल सतह) पर रहे तो वह किसी चीज को सह सकता है।
* लेकिन अगर bone के नीचे pen या pencil या कोई अन्य नुकीली चीज़ हो तो हड्डी पर एक छोटा-सा powder का टुकड़ा गिरने से भी हड्डी टूट सकती है।
* चारों या गलिया ज्यादा गरम या ज्यादा ठंडी न हो।
* व्यायाम:
* हर पेशेंट को हर दिन कसरत से लेटने-उठने के लिए कहें।
* उनको पता नहीं है, वो कैसी कसरत से लेटना है, यह खुद करके दिखाना है।
* पेशेंट को पैर मोड़कर लेटना है।
* लेटने के बाद सीधा करना है।
* कल्पना कीजिए कि लेटे हुए समय पर उलझना नहीं, वरना नस के अंदर दबाव लगेगा जिससे जो तरल फ़्लूइड रहता है, उसमें उछाल होने के कारण टक्कर खा सकते हैं।
* बुजुर्ग पेशेंट:
* छोटे-बच्चे, बुजुर्ग व्यक्ति और खासकर ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) से पीड़ित पेशेंट के लिए उपचार हल्के हाथ से करें।
यह जानकारी न्यूरोथेरेपी उपचार की सफलता और रोगी की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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न्यूरोथेरेपी: उपचार सीखने के लिए कुछ नियम / सावधानियां
* कभी-कभी, पूरे पेट को कुछ दिन के गैप के बाद बार-बार सीधे करवट से लेटना पड़ता है। यह कोई सजा या गुनाह नहीं है, बल्कि आपके शरीर की ज़रूरत होती है। इसे शांति से समझना चाहिए कि ऐसा क्यों करना और कैसे करना है।
* सब से पहले, नाभि के आस-पास हमारे NT नियम के सभी Pain Points (दर्द के बिंदु) का ध्यान रखना होता है। यह चेक करें कि कितना दर्द है, उसका एक अलग आंकड़ा लगाकर दर्द के अनुसार प्लस (+) या माइनस (-) के साथ लिख दें।
* प्लस (+) का मतलब है तेज दर्द या बहुत दर्द।
* माइनस (-) का मतलब है दर्द नहीं है।
* कितना दर्द है, यह सुनिश्चित करने के लिए गुरुजी ने एक आसान तरीका निकाला है।
* पहले, नरम उँगलियों से LMT के दर्द के किसी भी पॉइंट पर दबाएं।
* अगर हल्के से छूने पर ही पेशेंट चिल्ला उठे, तो यह 4 नंबर का दर्द है। इसे 4 प्लस (++++) कहेंगे।
* उंगली ज़रा सा अंदर जाने के बाद कम या दर्द महसूस हो, तो इसे 3 प्लस (+++) कहेंगे।
* ऊपर हल्का नरम है, पर कुछ और अंदर जाने पर कड़कपन लगे, तो इसे 2 प्लस (++) कहेंगे।
* अगर कड़कपन अंदर तक है या मामले नरम लगे, फिर हल्का कड़कपन महसूस हो, तो इसे 1 प्लस (+) कहेंगे।
* अगर दबाने पर पेशेंट महसूस करे कि दर्द नहीं है और पेशेंट पूछने पर कोई reaction नहीं करे, तो इस जगह के बारे में तयकर कदम सही है, तो 1 माइनस (-) कहेंगे।
* साधारणतः प्रेशर देने की अवधि 6 सेकंड की होती है, पर इसमें अंदाज़ न लगाएं।
* जब तक आप पूर्ण रूप से ट्रेनिंग न हो, हर दिन अपने किसी मित्र से कहें कि घड़ी के साथ यह चेक कराएँ कि आप ठीक 6 सेकंड के बाद ही अपनी स्थिति बदलते हैं, या कुछ आगे-पीछे तो नहीं हो रहा है।
* कुछ पॉइंट्स को अलग-अलग मशीनों से विचित्र केमिकल बनती है, सो कितनी बार किसी पॉइंट पर प्रेशर देना है – इसमें भी कोई ग़लती न हो। यह ध्यान रहे।
उपचार के दौरान की सावधानियां
* इस उपचार में अधिकांश बीमारियों में हथेली-पेट या पैरों से स्पर्श करना होता है। अतः उपचार शुरू करने से पहले दोनों हाथों से या पैरों से स्पर्श करनें को बाक़ि ये उपचार देने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाएँ।
* अगर पेशेंट पैरों को सिकोड़ ले या आपसे कहे कि उनको दर्द हो रहा है, तो उससे बहस किए बग़ैर कोई और एंगल बदल लें या वज़न कम कर लें। दर्द उन्हें ही पता होगा। आपको यह नहीं सोचना कि मेरा कोई पॉइंट देख के, किसी ने ऐसा नहीं कहा। कभी-कभी दर्द की डर से पेशेंट उस पॉइंट पर उपचार लेना नहीं चाहता।
यह जानकारी न्यूरोथेरेपी के मूल सिद्धांतों और उपचार देने के तरीकों पर ज़ोर देती है, खासकर दर्द के आकलन और प्रेशर देने के समय की सटीकता पर।
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न्यूरोथेरेपी: उपचार से पहले के लिए कुछ नियम/सावधानियाँ
नकारात्मकता से बचें
* यदि आप न्यूरोथेरेपी के प्रति नकारात्मक हो जाते हैं, तो यह सेक्टर (नर्वस सिस्टम) को बंद कर सकता है, जिससे थेरेपी के लाभ आपको नहीं मिलेंगे और आपको नुकसान हो सकता है।
* यह एक ऐसी विशिष्ट उपचार पद्धति है जो आपकी इच्छाशक्ति पर निर्भर करती है। आपके मन में कितनी श्रद्धा और विश्वास है, यह थेरेपी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
* जागरूक रहें। जब आप थेरेपी के लिए लेटते हैं, तो आपकी इच्छा शक्ति का संबंध अल्फा वेव्स (alpha waves) से होता है। मन में यह विचार लाएँ कि उपचार से पेचक ठीक हो जाएँगे, क्योंकि गुरुओं की कृपा से यह थेरेपी पूरी तरह से क्षमता प्राप्त है।
तकिया रखने के नियम
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* जिस भाग में प्रेशर देना है, वहाँ ज़रूरत के अनुसार तकिये रखें।
* पीठ के बल लेटने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप नंगे फर्श पर न लेटें।
* यदि आपको तकिये रखने की आवश्यकता है, तो पहले पैरों के नीचे एक पतले तकिये से शुरुआत करें, फिर दूसरे हिस्सों के लिए ज़रूरत के अनुसार एक-एक तिरछा-विपरीत तकिया रखें।
कुछ महत्वपूर्ण तकियों की स्थिति:
* Pan, Gal-Spl, आदि देते समय: दोनों जाँघों के नीचे एक तकिया रखें। पर यह तकिया पेट के कमर के नीचे न आए, वरना उपचार के दौरान या उसके बाद कमर दर्द हो सकता है।
* LIV या Mu के उपचार में: जांघों के नीचे और पैरों के नीचे केवल इतना ही तकिया रखें कि जांघ का ज़्यादातर हिस्सा ज़मीन से सटा रहे।
* Whil के लिए: यदि किसी की मांसपेशियाँ बहुत कमज़ोर हैं, तो तकिया न ही सख्त, न ही नरम, बल्कि मध्यम होना चाहिए।
* BOF (Bottom of Feet) के लिए: 1½ इंच का तकिया पैरों के नीचे ज़रूर दें।
> ध्यान दें: अगर उपचार के दौरान या गैप में कुछ ऐसी हरकतें जिनसे थेरेपी को लाभ कम हो, तो उससे आपको और थेरेपी दोनों को नुकसान होगा, सो दौरान और बीच में किसी से बातें न करें।
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Ys Neurotherapy Health And Research Foundation द्वारा न्यूरोथैरेपी में इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्य उपचार पॉइंट्स को सूचीबद्ध करता है।
1. उपचार पॉइंट्स के प्रकार
उपचार के मुख्य रूप से दो प्रकार हैं:
* केमिकल पॉइंट्स (Chemical Points):
* ये वो पॉइंट्स हैं जो विभिन्न ग्रंथियों और अंगों के कार्य को उत्तेजित या शांत करते हैं।
* इन पॉइंट्स पर 6 सेकंड के लिए दबाव दिया जाता है और इसे चार बार दोहराया जाता है।
* इनका उद्देश्य शरीर को केमिकल्स बनाने के लिए प्रेरित करना है।
* उदाहरण: (2) Pan, (4) Pan, (6) Gas, (9) Gas, आदि।
* फिजिकल पॉइंट्स (Physical Points):
* ये पॉइंट्स मांसपेशियों और जोड़ों को आराम देने के लिए दिए जाते हैं।
* ये आमतौर पर रोगी को तत्काल आराम पहुँचाने के लिए ज़रूरत पड़ने पर दिए जाते हैं।
2. विशिष्ट उपचार पॉइंट्स की सूची
दस्तावेज़ में मरीज़ की स्थिति के अनुसार अलग-अलग पोस्चर्स में दिए जाने वाले पॉइंट्स का उल्लेख है:
| उपचार की स्थिति (Position) | केमिकल पॉइंट्स (Chemical Points) | फिजिकल पॉइंट्स (Physical Points) |
|—|—|—|
| पेट के बल बिठाकर/लेटाकर |
{Pan},
{Gal},
{Spl )
Liv},
{Mu},
{Gas},
{Thy}
{Pit},
{Para},
{ONS},
{NNNS},
{Lymph},
{Th},
{Thyroid}, आदि। |
{Loveleen},
{Sutta Atta},
{Electrical Waves},
{Stretch},
{BAFA},
{Folded Legs},
{Vocal}, आदि। |
| पीठ के बल बिठाकर/लेटाकर |
{Medulla},
{Mesencephalon},
{Dorsal},
{Subclavian},
{Neck clockwise},
{Ptyalin},
{Brodmann’s area 17, 18},
{Bell’s Palsy}
{Sinus point},
{Thoracic T1/T2}, आदि। |
{Raman},
{Mukha Dhauti},
{Endorphin}. |
| सहारा देकर बिठाकर/लेटाकर |
{Acid}
{Rt}, {Parkhov},
Lt parkhov
{Folic}, {Thia}
{B}_{12}, {Nia},
\{Vitamin formation}, {Fluid or alkali}, आदि। |
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🧘 Ys Neurotherapy Health And Research Foundation: महत्वपूर्ण पॉइंट्स
यह सूची न्यूरोथेरेपी में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न केमिकल, फिजिकल और अन्य पॉइंट्स को दर्शाती है।
केमिकल पॉइंट्स (Chemical points)
Adrenaline (Adr), Sweet (Swt), Back Arrow, H arrow, On the spine (रीढ़ की हड्डी पर), Beside the spine (रीढ़ की हड्डी के बगल में), Round arrow, Three arrows, Organ clearance (अंगों की सफाई), Ku.
फिजिकल पॉइंट्स (Physical points)
* Piles (बवासीर) के लिए: Triangle for Piles, (2) S4, S5.
विविध फिजिकल पॉइंट्स (Miscellaneous Physical points)
पीठ दर्द के पॉइंट्स (Back pain points)
L5-S1 ghisai (घिसाई), L 3,4,5, Fracture point (T, 123), Blood Supply To Sides (साइड्स को रक्त आपूर्ति), JJ, L4 Fracture (L4 फ्रैक्चर), L5 Fracture (L5 फ्रैक्चर), Blood Supply to legs (पैरों को रक्त आपूर्ति), Sciatica Point (साइटिका पॉइंट), Sciatica setting (साइटिका सेटिंग), Bending Forward (आगे झुकना), Standing Point (खड़े होने का पॉइंट), Pelvic (पेल्विक), Bindu (बिंदु).
घुटने के दर्द के पॉइंट्स (Knee pain points)
Back of Knees (घुटनों के पीछे), Cap free (कैप फ्री), Giriraj, Calf muscle ghisai (पिंडली की मांसपेशियों की घिसाई), Pradeep, JJgroin, JJback, BOF (Bottom of feet – पैरों का निचला भाग), BOF – ALL 4 SIDES for sprain (मोच के लिए BOF – चारों तरफ), Big Toe Gas.
अन्य पॉइंट्स (Other points)
Lower Shoulder Blade pain (निचले कंधे के ब्लेड का दर्द), Upper Shoulder Blade pain (ऊपरी कंधे के ब्लेड का दर्द), Down arrow (डाउन एरो), Up Arrow (अप एरो), Hydrocele (हाइड्रोसील), Prolapse point (प्रोलैप्स पॉइंट), T8, Rocket, Gal-Spl ghisai (गल-स्पेशल घिसाई), Abdomen Setting (पेट की सेटिंग), Opposite point (विपरीत पॉइंट), Superfast, Sciatica Setting (साइटिका सेटिंग), Katka, Motor Neuron point (मोटर न्यूरॉन पॉइंट), Paralysis clockwise (पैरालिसिस दक्षिणावर्त), Shukla, Vasanti, Ton P & T, Sangam points (संगम पॉइंट्स), Ankle point (टखने का पॉइंट).
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