Ys Neurotherapy Health and Research Foundation द्वारा पीठ के बल लिटाकर किए जाने वाले उपचार
न्यूरोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाले दो उपचारों, आर्मपिट (Armpit) और Th + Ch या Thymus + Chest (थाइमस + चेस्ट), के बारे में बताता है।
1. आर्मपिट उपचार (Armpit Treatment)
* क्या करें:
* तलवे के मध्य भाग से बगल (या काँख) के अंदर के भाग को दबाते हुए, छाती के साइड से लेकर भुजा के मध्य भाग तक ज़रा प्रेशर देकर घिसना है।
* गिनती दो बराबर करें।
* पहले बाँयी तरफ़ करना है, फिर दाहिनी तरफ़।
* लाभ: यह बगल में स्थित लिम्फ नोड्स को उत्तेजित करता है और शरीर की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को बढ़ाने में उपयोगी है।
* ध्यान दें: अगर हाथ की किसी उँगली में या कलाई के आस-पास कोई फोड़ा या फुंसी हो जाए तो उस हाथ के बगल यानी काँख में दर्द होगा। इस उपचार से तुरंत ही राहत मिल सकती है।
2. Th + Ch या Thymus + Chest उपचार (Thymus + Chest Treatment)
* यह उपचार एक राम बाण उपाय है जो कि मार लग जाने पर दर्द नाशक का काम करता है।
* यह उपचार Thymus (थाइमस) या Thymus Chest को इंफ़्लेमेशन (सूजन) या ऑटो इम्यून बीमारियों में नहीं देना है।
उपचार की विधि:
* पहले बाँयी छाती के बीच 3 बार घिसना है।
* फिर छाती से कंधे की ओर 3 बार घिसना है।
* फिर बगल को छूते हुए छाती से भुजा के मध्य भाग तक 2 बार घिसना है।
* ये तीनों स्टेप्स ऐसे ही दाहिनी ओर भी करने हैं।
विशेष स्थान (Spot) और ध्यान देने योग्य बातें:
* आप जिस साइड पर उपचार करने वाले हों, उसे पहले पेशेंट से कहें कि वह अपना चेहरा दूसरे साइड की ओर मोड़ ले।
* याद रखें कि Th + Ch लिखा हो तो Armpit भी देना ज़रूरी है।
* Thymus, Chest Only या Thymus Chest (इन तीनों) में अगर संख्या 2, 3 या 4 देना हो तो, पहले बाँयी साइड पर गिनती के अनुसार 6, 9 या 12 बार घिसें और फिर दाहिनी साइड पर वैसा ही करें।
> ज़रूरी नोट: ज़रूरत के अनुसार उचित जगह पर तकिया दें, पर सिर या छाती के नीचे नहीं।
Ys Neurotherapy Health And Research Foundation द्वारा दिए गए उपचारों की जानकारी है, जिसे पीठ के बल लिटाकर देनेवाले उपचार के रूप में दर्शाया गया है।
सावधानी (Precaution)
* Thymus या Thymus + Chest में एक समय में किसी भी साइड पर 12 बार से ज्यादा न करें।
* उदाहरण के लिए, अगर 6 (6) Thymus Only देना हो तो पहले दोनों साइड में 12-12 बार करें और बिना रेस्ट लिए तुरंत ही दुबारा दोनों साइड पर 6-6 बार करें।
* एक साथ बार-बार से ज्यादा देने से कुछ लोगों को उल्टी आ सकती है।
* कारण: यह उपचार शरीर में केमिकल्स बनाते हैं या उनको उकसाते हैं। अगर किसी भी ग्रन्थी का एक साइड ज्यादा उकसाया जाये तो उससे शरीर की एसिड-अल्कली की बैलेंस में अचानक उतार-चढ़ाव हो जायेगा, जिसे कुछ लोगों के systems (सिस्टम) तुरंत संभाल नहीं पाते। अचानक हुए इस उथल-पुथल के कारण ऐसे लोगों को उल्टियाँ, जी मिचलाना इत्यादि हो सकती हैं।
* लेकिन अगर हम कम मात्रा में दोनों साइड को बारी-बारी से उकसाते हैं, तो शरीर उसे संभाल लेता है, सो उन्हें परेशानी नहीं होगी।
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AARM PIT AND TH+CH