♦लाजपत राय मेहरा और Ys-Neurotheraoy Health and Research Foundation एक अनुपम एवम अतुलनीय चिकित्सा पद्धती है जो प्राय सभी बिमारीयो को ठीक करने की छमता रखने वाला एक दवा रहित रामबाण विज्ञान है यह कई प्रकार के तरीको से आंतरिक अंगो एवम ग्रंथीयो मे रक्त प्रवाह को बढाता है जिसमे एक मुख्य तरीका यह कि पैरो के तलवो हथेलीयो से शरीर के खास जगह पर निर्धारित समय मे एवम क्रम में दबाव डालना जिससे उनकी कार्य शैली सुधर जाती है और वे सुचारू रूप से कार्य करने लगते है इस प्रकार से यह रोग की जड मूल कारण कोही समाप्त कर देता है पहली नजर मे न्यूरोथेरपी के तोर तरीके एक्यूप्रेशर से मिलते जुलते प्रतीत होते है लेकिन समानता या तुल्यता अगर कोई हो तो वही पर समाप्त होती है वास्तव मे यह एक ऐसी अदभुत व कल्पित चिकित्सा पद्धती है जिसका एक्यूप्रेशर के साथ ही नही बलकी अन्य किसी भी पुरानी या वर्तमान थेरेपी के साथ कोई संबंध या आधार नही है शिवाय कुछ सिद्धांत ओके जो की भारतीय पारंपरिक उपचार प्रणालीयो के प्रभाव से अपने आप आये हो जैसे उपर कहा गया है l
न्यूरोथेरेपी के जनक और पितामह है मुंबई शहर के डॉक्टर लाजपत राय मेहरा उपचार के आदी अन्वेषक है इनके प्रसंसक इन्हे प्यार से गुरुजी कहते है बेखुद स्वीकार करते है की उन्होने आधुनिक चिकित्सा पद्धती का कोई औपचारिक अध्ययन नही किया है लेकिन उनके साथ चर्चा करने पर निसंदेह पता चलता है कि उन्हे शरीर विज्ञान फिजिओलॉजी का इर्षा जनक ज्ञान है आपको ताजुब होगा की यह कैसा संभव है इसका जवाब है कि डॉक्टर मेहरा जी क्लिनिक मे पेशंट के संपर्क मे बिताये गये घंटो के अलावा सोते जागते बाकी हर एक पल को शरीर विज्ञान के पुस्तको स्वाध्याय मे बताते है उनकी पसंदीदा पुस्तक है Guyton लिखित मेडिकल फिजिओलॉजी जिसे उन्होने लगातार अनेक बार पढाई लेकिन उनके ज्ञान इस थेरेपी के बारे पूछने पर मंद मुस्कान सहित विनम्र भाव से बताये बतायेंगे अभी तक मै इस सही के प्रति बहुत ही कम ज्ञान पाया neurotherapy अभी शिशु अवस्था मे है अपने प्रांगण अनुभव ज्ञान के माध्यम से अथक प्रयास द्वारा पिछले 70 साल से वे न्यूरोथेरपी के प्रयोग मे निखार लाने और इन्हे और उत्तम बनाने की और अग्रेसर थे
नतीजा यह कि वे पिछले तीन दशको मे अकेले ही सिर्फ इस थेरेपी जिसे वे अभी तक दूध पिता बच्चा कह रहे थे पचास लाख से ज्यादा रोग को तरह तरह के बिमारीयो से छुटकारा दिला चुके थे l
इसमे मंदबुद्धी तथा cp child के बच्चे भी सामील है जिसके बारे मे कहा जाता है की दवाई द्वारा कोई इलाज संभव नही है आप पूछ सकते है कि अगर ऐसा हो तो अब तक उनका नाम विश्व विख्यात क्यू नही हुआ जी हा सही प्रश्न और इनका जबाब भी गुरुजी की मुह से ही सुनना चाहिये ये कहते है मुझे इन सब चीजो से लेना देना नही है इस कार्य मे ही इतना मजा आता है की क्या कहू
सो कोई और मेरी तारीफ करे या ना करे इसके प्रति मे ध्यान ही नही देता दुसरो को दिखाने के लिए मुझे रोज लिखित रेकॉर्ड बनाने के लिए जितना समय देना पडेगा उतने समय मे मै और 15 20 लाख रोगियो को सेवा कर सकता उपचार के बाद रोगी या उसके रिश्ते दारू के चेहरे पर जो ख़शी भरी मुस्कुराहट अपने आप खील उठती है उस परम आनंद का नसा तो कुछ और ही है उसका मुकाबला दुनिया का कोई पारितोषिक अवार्ड नही कर सकता




